NCERT Solutions for Class 10 Hindi Path-8: Lakhnavi Andaaz
'लखनवी अंदाज़' यशपाल द्वारा रचित एक व्यंग्यात्मक कहानी है, जिसमें लेखक ट्रेन यात्रा के दौरान मिले एक नवाब साहब के माध्यम से लखनवी नवाबी वर्ग के खोखले दिखावे और पतनशील सामंती संस्कृति पर तीखा व्यंग्य करते हैं।
पाठ का सार एवं मुख्य बिंदु
पाठ्यपुस्तक के महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
प्रश्न: लेखक की मुलाकात नवाब साहब से किस परिस्थिति में होती है?
उत्तर: लेखक की मुलाकात रेलगाड़ी के प्रथम श्रेणी के डिब्बे में नवाब साहब से होती है, जो अकेले यात्रा कर रहे थे और अपनी नवाबी शान बनाए रखने के लिए किसी सहयात्री से बातचीत करने में भी अनिच्छुक प्रतीत होते हैं।
प्रश्न: नवाब साहब ककड़ी के साथ क्या असामान्य व्यवहार करते हैं?
उत्तर: नवाब साहब स्टेशन से ककड़ियाँ खरीदते हैं, परंतु उन्हें खाने के बजाय केवल सूँघकर और उनका रस चूसकर संतोष प्राप्त करते हैं, तथा बिना खाए ही उन्हें खिड़की से बाहर फेंक देते हैं, यह दिखाने के लिए कि उन्हें ऐसी साधारण चीज़ों की आवश्यकता नहीं।
प्रश्न: नवाब साहब का यह व्यवहार किस मानसिकता को दर्शाता है?
उत्तर: यह व्यवहार सामंती वर्ग की उस दिखावटी मानसिकता को दर्शाता है, जिसमें वास्तविक आवश्यकता से अधिक महत्व बनावटी शान-शौकत और सामाजिक प्रतिष्ठा को दिया जाता है, भले ही भीतर से वे साधनहीन या भूखे ही क्यों न हों।
प्रश्न: लेखक इस कहानी के माध्यम से किस पर व्यंग्य करते हैं?
उत्तर: लेखक लखनवी नवाबी संस्कृति की खोखली शान, बनावटी शिष्टाचार, तथा वास्तविकता को छिपाकर दिखावे में जीने की प्रवृत्ति पर तीखा व्यंग्य करते हैं, जो सामंती वर्ग के पतन और खोखलेपन को उजागर करता है।